कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक कार्यवाहियों को तेज करने करने के लिए जरूरी है ई ज्यूडिशियरी
भारत में न्यायिक प्रणाली कितनी धीमी है और कितनी सक्रिय यह बात हम सभी जानते हैं. कितने ही छोटे-बड़े मामले कोर्ट कचहरियों के चक्कर में लटके रह जाते हैं और कितने लोग न्याय का सिर्फ इंतजार करते रह जाते हैं.
जब भारत में सब कुछ डिजिटल हो सकता है तो हमारी न्यायिक व्यवस्था क्यों नहीं? इस समस्या का एक नया समाधान निकलकर सामने आ रहा है, वो है ई ज्यूडिशियरी.
ई ज्यूडिशियरी यानी अधिकतर न्यायिक कार्यवाहियां जैसे नोटेरी, स्टाम्प, रजिस्ट्री, किराएनामा, पुलिस रिपोर्ट, वैरिफिकेशन, जमानत, चार्जशीट, Tort cases आदि प्रक्रियाएं कागज़ी और क़ानूनी कठिनता से बाहर निकलकर आमजन के लिए सुविधाजनक बनें. इसके लिए हमारी न्यायप्रणाली और कोर्ट कार्यवाहियों का इंटरनेट आधारित सरल होना आवश्यक है.
भारतीय न्याय प्रणाली में बदलते समय के साथ विधायिका और कार्यपालिका की अपेक्षा कम परिवर्तन देखे गए हैं. आम जनजीवन के साथ ही शासन – प्रशासन के स्तर पर डिजिटल इंडिया का सपना साकार करने के लिए आवश्यक है कि हमारी न्यायपालिका को भी आधुनिक स्वरूप में ढाला जाए.
न्यायपालिका के आधुनिक स्वरूप से हमारा तात्पर्य है ऐसी व्यवस्था से जहाँ क़ानूनी/अदालती कार्यवाहियां जटिलता से सरलता की ओर उन्मुख हो. ट्विटर पर आज इसी को लेकर न्याय व्यवस्था से जुड़े पेशेवर लोगों द्वारा #EJudiciaryForIndia के नाम से ट्रेण्ड चलाया जा रहा है.
अधिकतर कार्य जैसे नोटेरी, स्टाम्प, रजिस्ट्री, किराएनामा, पुलिस रिपोर्ट, वैरिफिकेशन, जमानत, चार्जशीट, Tort cases आदि इंटरनेट की सहायता से होने चाहिए।#EJudiciaryForIndia
— Krishan Jangid (@KrishanjangidIn) June 7, 2020
https://twitter.com/SNavhal/status/1269493533246918656?s=19
#EJudiciaryForIndia
It's time to have a। Transparent and easily accessible judiciary system.
Join hands for #EJudiciaryForIndia— Yamini Atreya (@atreya_yamini) June 7, 2020
इस गतिविधि का उद्देश्य है कि भारत में अधिकाँश न्यायिक कार्यवाहियां जैसे नोटेरी, स्टाम्प, रजिस्ट्री, किराएनामा, पुलिस रिपोर्ट, वैरिफिकेशन, जमानत, चार्जशीट आदि प्रक्रियाएं कागज़ी एवं दफ़्तरी कठिनता से बाहर निकलकर आमजनों के लिए सुविधाजनक बनें.
देश के व्यक्ति – व्यक्ति के अधिकारों की सुनिश्चितता और सभी को न्याय उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक है कि न्यायिक प्रक्रिया सरल एवं समझ सकने योग्य हो.
इसके लिए E-Judiciary यानी हमारी न्यायप्रणाली, कोर्ट कार्यवाहियों का इंटरनेट आधारित सर्वसुलभ और सुगम होना अति आवश्यक है.
यदि ऐसा होता है तो देश के अनेक लोगों को न्याय मिलने में होने वाली देरी से निजात पाई जा सकती है.
ई ज्यूडिशियरी को लागू करना आज के वक्त की मांग है और जरूरत भी.